रंगनाथ मंदिर का ब्रह्मोत्सव 7 मार्च से, 13 को निकलेगी रथ की सवारी
5 March 2026, 21:47
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Religious
वृन्दावन | विकास अग्रवाल
रंगनाथ मंदिर का ब्रह्मोत्सव 7 मार्च से,
13 को निकलेगी रथ की सवारी
श्री रंगनाथ मंदिर में श्री रामानुज संप्रदाय का दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव 7 मार्च से वैदिक परंपराओं के साथ प्रारंभ होगा। मंदिर प्रबंधन द्वारा ब्रज के इस अनूठे उत्सव की तैयारियां पूरे उत्साह से की जा रही हैं। गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी रघुनाथ आचार्य ने बताया कि इस उत्सव की शुरुआत अंकुरारोपण, देव आह्वान और ध्वजारोहण जैसे वैदिक अनुष्ठानों से होगी, जिनमें दक्षिण भारतीय वेदपाठी विद्वान वेदमंत्रों के साथ गणपति और देवगणों का आह्वान करेंगे। मंदिर प्रबंधक कृष्णन ने बताया कि 7 मार्च को प्रातः श्री रंगनाथ भगवान स्वर्ण निर्मित पूर्ण कोठी में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इसके बाद प्रतिदिन भगवान गोदा रंगमन्नार भगवान स्वर्ण-रजत निर्मित विभिन्न वाहनों सूर्यप्रभा, चंद्रप्रभा, गरुड़, हनुमान, पालकी, सिंह, अश्व और सिंहशार्दुल पर विराजित होकर भक्तों को दर्शन देंगे। ब्रह्मोत्सव का मुख्य आकर्षण 13 मार्च को निकलने वाली रथ की सवारी होगी । इस दिन विशालकाय चंदन से निर्मित ऐतिहासिक रथ पर भगवान श्री रंगनाथ श्रीदेवी और भूदेवी के साथ विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। हजारों श्रद्धालु इस दिव्य रथ को खींचकर स्वयं को धन्य मानते हैं और ब्रज में अद्भुत आस्था और उत्साह का वातावरण बन जाता है। मंदिर की सीईओ अनघा श्रीनिवासन ने बताया कि 12 मार्च को भगवान गोदा रंगमन्नार कांच के विमान में विराजमान होकर भक्तों के साथ होली खेलेंगे, जबकि 14 मार्च को रंगजी के बड़े बगीचे में भव्य आतिशबाजी का आयोजन होगा। दस दिवसीय इस महोत्सव का समापन 16 मार्च को अद्वितीय पुष्पक विमान उत्सव के साथ होगा, जिसके बाद वेदमंत्रों के साथ भगवान के प्रमुख वाहन गरुड़ जी को विधिवत विदाई दी जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मोत्सव की परंपरा स्वयं ब्रह्मा जी द्वारा लोक कल्याण की भावना से स्थापित की गई थी, इसलिए इसे भगवान के प्रमुख और सबसे महत्वपूर्ण उत्सवों में गिना जाता है।