बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में बड़ा हादसा : क्या श्रद्धालुओं की सुरक्षा भगवान भरोसे ?
9 June 2026, 23:12
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Crime
वृन्दावन | विकास अग्रवाल
विश्व प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार शाम मंदिर की गली नंबर-5 में एक जर्जर मकान का छज्जा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे मलबे की चपेट में आकर 9 श्रद्धालु घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज आंधी के दौरान बंदरों के उछलकूद करने से सुधीर गोस्वामी के मकान का जर्जर छज्जा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। उस समय गली में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आ-जा रहे थे। मलबा गिरते ही चीख-पुकार मच गई और कुछ श्रद्धालु उसके नीचे दब गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर क्षेत्र में जर्जर भवनों, टूटे छज्जों और बंदरों के आतंक की समस्या कोई नई नहीं है। कई बार शिकायतों और चेतावनियों के बावजूद न तो भवनों का सर्वे कराया गया और न ही बंदरों के उत्पात पर कोई प्रभावी कार्रवाई हुई।पड़ोसी शिव कुमार ने बताया कि जिस छज्जे का हिस्सा गिरा, उसमें पहले से दरारें थीं। बंदरों के लगातार कूदने-फांदने से वह आखिरकार टूट गया। सवाल यह है कि यदि छज्जा खतरनाक स्थिति में था तो उसे पहले ही क्यों नहीं चिन्हित किया गया। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष बांकेबिहारी मंदिर पहुंचते हैं। मंदिर की संकरी गलियां, जर्जर भवन, अव्यवस्थित भीड़ और बंदरों का आतंक लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं। इसके बावजूद सुरक्षा संबंधी स्थायी व्यवस्था धरातल पर दिखाई नहीं देती। हादसे में लक्ष्मीनारायण (अलीगढ़), विजय व रुद्रांश (आगरा), उर्मिला देवी, चंचल प्रजापति, जानकी देवी (राजस्थान), मेघा सैनी, गोविंद (दिल्ली), आस्था भदौरिया (इटावा) सहित कुल 9 श्रद्धालु घायल हुए हैं। सभी को रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। हालांकि बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन हर हादसे के बाद ही जागेगा? वे सवाल जो जवाब मांग रहे हैं- बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र के जर्जर भवनों का सर्वे कब हुआ था? खतरनाक छज्जों और भवनों को चिन्हित कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? बंदरों के बढ़ते आतंक पर स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला गया? करोड़ों की धार्मिक व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा आखिर किसके भरोसे है? बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में हुआ यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोलने वाला गंभीर चेतावनी संकेत है। हालांकि प्रशासन ने 7 श्रद्धालुओं के घायल होने की पुष्टि की है, सभी श्रद्धालु खतरे से बाहर बताये गये हैं।