किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अवनीत पंवार के आह्वान पर इंडो-अमेरिका ट्रेड डील रद्द किए जाने तथा पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के समर्थन में दिल्ली के किसान घाट व गाजीपुर बॉर्डर के लिए प्रस्तावित कूच को लेकर मथुरा की टीम ने पूरी रणनीति तैयार कर ली थी। हालांकि, किसान सेना का आरोप है कि पुलिस ने आंदोलन को रोकने के लिए संगठन के दो प्रमुख पदाधिकारियों को वृन्दावन स्थित उनके घरों में ही हाउस अरेस्ट कर दिया।
किसान सेना के अनुसार, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष वकील मोहम्मद और संगठन प्रभारी संजय यादव को पुलिस ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। वहीं संगठन की अन्य टीम दिल्ली के लिए रवाना हुई, लेकिन उन्हें भी रास्ते में टोल प्लाजा पर रोक दिया गया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता वापस वृन्दावन लौट आए और हाउस अरेस्ट किए गए पदाधिकारियों के साथ एकत्र हुए।
इसके बाद किसान सेना के प्रतिनिधिमंडल ने मथुरा गेट पुलिस चौकी प्रभारी राहुल चौधरी को ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है और इसे रोका जाना उचित नहीं है।
इस अवसर पर किसान सेना के जिला अध्यक्ष कन्हैया रौतेला, जिला प्रमुख महासचिव रामगोपाल, युवा जिला अध्यक्ष भजनलाल बघेल, बृजवासी, इरफान नदीम, अमन, कुंज बिहारी, श्याम निषाद, कबीर, अरुण, शिवम, पवन, सोनू, अभिषेक, जाकिर, शहजाद, छोटू, उज्जवल, राहुल, शहीद, भूरा, दिनेश और राजकुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।