यूपीपीसीएल में SDO संदीप वार्ष्णेय के स्थानांतरण से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बीती 19 जून को आगरा में हुई बैठक के दौरान कथित तौर पर कुछ भ्रामक एवं गलत साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर LT-11 के SDO संदीप वार्ष्णेय का स्थानांतरण बनारस कर दिया गया था।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को SDO संदीप वार्ष्णेय ने स्वयं यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी और अपना पक्ष रखा। उन्होंने कथित रूप से बताया कि उनके स्थानांतरण के पीछे प्रस्तुत किए गए तथ्यों में गंभीर विसंगतियां थीं।
सूत्रों के अनुसार, चेयरमैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जांच पूरी होने तक SDO संदीप वार्ष्णेय के स्थानांतरण आदेश को होल्ड पर रखने का निर्णय लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, चेयरमैन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम को संदीप वार्ष्णेय के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अब पूरे मामले की सच्चाई जांच के माध्यम से सामने आएगी और तथ्यों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
आपको बता दें कि बीते शुक्रवार, शनिवार और रविवार को वृन्दावन में विधुत विभाग के कंट्रोल रूम रंगजी का बगीचा क्षेत्र में 33 kb लाईन के चलते कई घंटों तक विधुत आपूर्ति बाधित रही थी।