फर्जी RWA बनाकर खुद को मालिक बताने, निवासियों से पैसे वसूलने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
सुनरख क्षेत्र स्थित हरे कृष्णा ऑर्चिड एक बार फिर विवादों में आ गया है। कॉलोनी के प्रबंधन और कथित रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को लेकर चल रहे विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। न्यायालय के आदेश पर थाना वृंदावन पुलिस ने तीन नामजद और दस अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की नौ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मामले में हरे कृष्णा ऑर्चिड के प्रबंधक राजदीप का कहना है कि कॉलोनी का हैंडओवर अभी तक निवासियों को नहीं किया गया है। उनके अनुसार, कई निर्माण कार्य और संपत्तियों का विक्रय कार्य अभी शेष है, इसलिए कॉलोनी का संपूर्ण प्रबंधन अभी भी कंपनी और उसके अधिकृत प्रतिनिधियों के पास है।
राजदीप का आरोप है कि नामजद आरोपी अन्नू सिंह, भारत भूषण मिश्रा और प्रमोद कुमार सिंघल सहित अन्य लोगों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर "रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन हरे कृष्णा ऑर्चिड" का गठन कर लिया और स्वयं को कॉलोनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताना शुरू कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने अपने आवास पर RWA का बोर्ड लगाकर निवासियों से संपर्क किया, व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर विभिन्न मदों में धनराशि की मांग की और लोगों से अपने खातों में पैसे ट्रांसफर भी कराए।
शिकायत के अनुसार, जब इस संबंध में राजदीप ने जानकारी लेने और आपत्ति जताने का प्रयास किया तो आरोपी पक्ष आठ-दस अन्य लोगों के साथ एकराय होकर उनके साथ गाली-गलौज करने लगा तथा जान से मारने की धमकी दी।
न्यायालय के आदेश पर थाना वृंदावन में तैनात महिला एस आई आँचल ने बीएनएस की धारा 318, 338, 336(3), 336(4), 340(2), 61(2), 115(2), 352 और 351(2) के तहत तीन नामजद और दस अज्ञात लोगों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है।