इटावा निवासी वैभव तिवारी के साथ वृन्दावन दर्शन के दौरान बड़ी घटना सामने आई है, जिसमें होटल स्टाफ की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। वैभव तिवारी अपने एक मित्र के साथ 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे वृन्दावन स्थित होटल अरुण श्री जी में रुके थे। होटल कर्मियों के कहने पर उन्होंने अपनी काले रंग की Kia Syros UP75 AX 1719 होटल के सामने खड़ी की। आरोप है कि रात में होटल स्टाफ ने गाड़ी आगे-पीछे करने का बहाना बनाकर वैभव से गाड़ी की चाबी जमा करा ली। सुबह जब वैभव ने चाबी मांगी और पार्किंग में देखा, तो उनकी गाड़ी वहां से गायब थी। चाबी और गाड़ी के बारे में पूछने पर होटल स्टाफ टालमटोल करता रहा और बाद में अभद्रता पर उतर आया। पीड़ित वैभव तिवारी ने तत्काल डायल 112 पर कॉल कर पुलिस सहायता मांगी। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने होटल मालिक और स्टाफ शाम तक गाड़ी मिल जाने का आश्वासन देते रहे, लेकिन देर शाम तक भी वाहन का कोई सुराग नहीं लग सका। वैभव तिवारी का साफ आरोप है कि होटल स्टाफ ने साजिश के तहत उनकी कार चोरी कराई है, क्योंकि गाड़ी की चाबी पूरी रात होटल कर्मियों के पास ही थी। पीड़ित की तहरीर पर थाना वृन्दावन प्रभारी संजय कुमार पाण्डेय ने चोरी की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच एसआई अरुण कुमार डागर को सौंप दी है। इस घटना के बाद से सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब वाहन और उसकी चाबी होटल स्टाफ की निगरानी में थी, तो गाड़ी आखिर गायब कैसे हो गई? होटल प्रबंधन की भूमिका पर भी गंभीर संदेह जताया जा रहा है। पुलिस अब होटल स्टाफ से पूछताछ कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच में जुटी है। वृन्दावन जैसे धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।