पेट्रोल पम्प पर भरोसे की आड़ में लाखों का खेल! मालिक की सतर्कता से खुली सेल्समैनों की करतूत
29 May 2026, 23:14
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Crime
वृन्दावन | विकास अग्रवाल
धार्मिक नगरी वृन्दावन में पेट्रोल पम्प पर नौकरी करने वाले कुछ सेल्समैनों ने जिस मालिक की रोटी खाई, उसी के साथ लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी कर डाली। लेकिन कहते हैं चोरी कितनी भी शातिर तरीके से की जाए, सच ज्यादा दिन छिप नहीं सकता। आखिरकार पेट्रोल पम्प स्वामी की सतर्कता ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। चैतन्य विहार स्थित सत्यपाल सिंह फिलिंग स्टेशन के स्वामी सत्यपाल सिंह ने जरूरत पड़ने पर इन युवकों को रोजगार दिया था। जैत निवासी रमेशचन्द्र की सिफारिश पर अडूकी निवासी सीताराम, गोविन्द उर्फ राधाकृष्ण, गोरई निवासी धर्मवीर, बृजमोहन, दिनेश और अजीत को नौकरी पर रखा गया। लेकिन आरोप है कि इन्होंने नौकरी को जिम्मेदारी नहीं बल्कि कमाई का जरिया समझ लिया। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने नवम्बर और दिसम्बर माह में सुनियोजित तरीके से हिसाब-किताब में गड़बड़ी शुरू कर दी। ऑनलाइन पेमेंट की फर्जी स्लिप तैयार की गईं, कैश एंट्री में हेरफेर की गई और धीरे-धीरे करीब छह लाख रुपये डकार लिये गये। आरोप है कि पूरा खेल बेहद चालाकी से किया गया ताकि किसी को शक न हो। लेकिन पेट्रोल पम्प स्वामी सत्यपाल सिंह की पैनी नजर ने आखिरकार इस पूरे फर्जीवाड़े को पकड़ लिया। जब खातों की गहन जांच कराई गई तो एक-एक फर्जी एंट्री सामने आने लगी। बताया जा रहा है कि यदि समय रहते जांच नहीं होती तो हेराफेरी का आंकड़ा और बड़ा हो सकता था। मामले को दबाने के बजाय सत्यपाल सिंह ने सीधे कानूनी रास्ता अपनाया और पूरे साक्ष्यों के साथ शिकायत अधिकारियों तक पहुंचाई। जिसके बाद एसएसपी श्लोक कुमार के आदेश पर थाना वृन्दावन पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर लिया। अब थाना वृन्दावन पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच एसआई अरुण डागर को सौंपी गई है। यह मामला उन व्यापारियों के लिये भी बड़ा सबक है जो आंख मूंदकर कर्मचारियों पर भरोसा कर लेते हैं। क्योंकि भरोसे की आड़ में कब हिसाब साफ होने लगे, पता ही नहीं चलता।