मथुरा कोषागार से जुड़ा एक सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां मृत को “जिंदा” दिखाकर सरकारी खजाने से एक करोड़पेंशनरों 62 लाख 34 हजार 328 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। इस बड़े गबन के आरोप में पेंशन पटल पर तैनात सहायक लेखाकार अभिषेक श्रीवास्तव के खिलाफ थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कोषागार के प्रभारी सहायक कोषाधिकारी जगवीर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक कोषागार स्तर पर गठित तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि छह मृत पेंशनरों की पेंशन राशि लगातार एक ही बैंक खाते में भेजी जा रही थी। जांच में प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने मृत पेंशनरों की पेंशन अपने भारतीय स्टेट बैंक के खाते में ट्रांसफर कर सरकारी धन का गबन किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी ने वर्ष 2020 से कोषागार के CTS सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर छह मृत पेंशनरों को जीवित दर्शाया। उनके जीवन प्रमाण पत्र को जानबूझकर ‘Yes’ कर दिया गया, जिससे हर माह पेंशन की राशि जारी होती रही और सीधे आरोपी के खाते में पहुंचती रही। इस खुलासे के बाद कोषागार विभाग में हड़कंप मच गया है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि इतने वर्षों तक यह घोटाला कैसे चलता रहा और संबंधित सिस्टम व निगरानी व्यवस्था क्या केवल तमाशबीन बनी रही। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घोटाले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जाएगी और यदि इसमें अन्य कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।