धार्मिक नगरी वृन्दावन की पवित्र छवि को दागदार करने वाले एक शर्मनाक और घिनौने गिरोह का आखिरकार पर्दाफाश हो गया है। थाना वृन्दावन पुलिस ने नाबालिग किशोरियों और महिलाओं की चोरी-छिपे अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़े गए आरोपियों के नाम प्रिंस ठाकुर, राहुल और पवन बताए गए हैं। ये तीनों लंबे समय से वृन्दावन में आने-जाने वाली महिलाओं को निशाना बनाकर उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाते थे और फिर उन्हें वायरल कर पैसे कमाते थे। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों को अपना शिकार बनाने के लिए चुनते थे, जहां श्रद्धालु महिलाओं की संख्या अधिक होती है। मोबाइल फोन को छिपाकर रिकॉर्डिंग की जाती थी, ताकि किसी को शक न हो। सेवाकुंज निवासी एक युवती की शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज कर लगातार दबिश दी जा रही थी। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मोक्षधाम के पास से तीनों को धर दबोचा। आरोपियों के पास से वही मोबाइल भी बरामद हुआ, जिससे वीडियो बनाई और वायरल की जाती थी। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व थाना वृन्दावन प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार पांडेय ने किया। टीम में निरीक्षक अपराध धर्मेंद्र कुमार तेवतिया, वरिष्ठ उप निरीक्षक अभय शर्मा समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। धार्मिक नगरी में इस तरह की घिनौनी हरकतों ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आस्था की भूमि पर भी महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं।