दहेज की आग में बुझ गई जयन्ती की ज़िंदगी, मौत से पहले भाई को फोन कर बोली थी— भईया, ये लोग मुझे मार देंगे
15 May 2026, 09:31
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Crime
मथुरा | विकास अग्रवाल
वृन्दावन के किशोरपुरा निवासी कैलाश शर्मा की बहन जयन्ती आखिरकार दहेज लोभियों की कथित प्रताड़ना का शिकार हो गई। शादी के 16 साल बाद भी ससुराल वालों की पाँच लाख रुपये और स्विफ्ट कार की मांग खत्म नहीं हुई और उसी मांग ने एक हँसते-खेलते परिवार की बेटी की जान ले ली। बताया गया है कि जयन्ती की शादी वर्ष 2009 में छाता की शिव कॉलोनी निवासी सुनील के साथ हिन्दू रीति-रिवाज से हुई थी। परिवार ने अपनी हैसियत के अनुसार बेटी को विदा किया, लेकिन आरोप है कि शादी के बाद से ही पति सुनील, जेठ पवन और दुर्गेश, जिठानी निर्मला, नीरज और मौसिया सास सावित्री लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर जयन्ती को प्रताड़ित करते रहे। पीड़िता ने दो पुत्रों को जन्म दिया, फिर भी उसका उत्पीड़न नहीं रुका। आरोप है कि कई बार उसे बेरहमी से पीटकर घर से निकाल दिया गया। हर बार पंच-पंचायत के बाद जयन्ती को फिर उसी नरक जैसे माहौल में भेज दिया जाता था। मौत से ठीक पहले जयन्ती ने अपने भाई कैलाश को फोन कर रोते हुए कहा था कि भैया, ये लोग मुझे बहुत मार रहे है, पाँच लाख और कार मांग रहे है, जल्दी आ जाओ, नहीं तो ये लोग मुझे मार देंगे। लेकिन भाई के पहुँचने से पहले ही सब कुछ खत्म हो गया। आरोप है कि 12 मई को जयन्ती के साथ फिर बर्बर मारपीट की गई। कथित रूप से कुछ जहरीला पदार्थ पिला दिया गया। हालत बिगड़ने पर पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुँची, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गये। केडी हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत से जूझ रही जयन्ती ने पुलिस को अपने साथ हुई पूरी घटना बताई। लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गई और गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। अब इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक बेटियाँ दहेज की भेंट चढ़ती रहेंगी? कब तक लालच में अंधे लोग किसी की बहन-बेटी की जिंदगी छीनते रहेंगे? छाता पुलिस ने मृतका के भाई कैलाश शर्मा की तहरीर पर पति सुनील, जेठ पवन और दुर्गेश, नीरज(जेठ का पुत्र ), जिठानी निर्मला तथा सावित्री (मौसी सास ) के खिलाफ हत्या और दहेज उत्पीड़न की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच थाना प्रभारी उमेश चंद त्रिपाठी स्वयं करेंगे।