वृंदावन पहुंचे पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, सनातनी संस्कृति पार्टी बनाने की घोषणा
13 February 2026, 21:15
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Politics
वृन्दावन | संजय सिंह
UGC के नए नियमों के विरोध में बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री शुक्रवार को वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। मंदिर पहुंचने पर पुजारियों ने उन्हें पटका और माला पहनाकर स्वागत किया तथा प्रसाद भेंट किया।
दर्शन के बाद अलंकार अग्निहोत्री राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ के बैनर तले आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद बल्लभ गोस्वामी के आवास पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ, ब्राह्मण सभा, पंडा सभा और व्यापारी संगठन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। साथ ही बांके बिहारी कॉरिडोर और मंदिर न्यास के विरोध में आवाज उठा रही गोस्वामी परिवार की महिलाओं ने भी उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया और भगवान बांके बिहारी का छवि चित्र भेंट किया। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वह तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर जनजागरण अभियान चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि UGC रेगुलेशन देश में विभाजन की भावना पैदा कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है। तीसरा मुद्दा उन्होंने बांके बिहारी कॉरिडोर को बताया। उनके अनुसार इस कॉरिडोर के माध्यम से यहां की पारंपरिक धार्मिक और सांस्कृतिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में बताया कि फर्जी एससी-एसटी एक्ट के मामलों में पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने एक मेल आईडी जारी की है। गुरुवार को जारी इस आईडी पर अब तक 40 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने बिहार की एक सवर्ण महिला अधिकारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें दो बार निलंबित किया गया और उन पर समझौते के लिए दबाव डाला गया। बांके बिहारी कॉरिडोर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां की परंपराएं गोस्वामी, पुरोहित और सेवादारों द्वारा वर्षों में स्थापित की गई हैं। उनका कहना था कि यह संस्था धार्मिक संरक्षण से उत्पन्न हुई है और इसकी मूल संरचना को सुरक्षित रखना समाज का दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां सनातन संस्कृति के विपरीत हैं और धार्मिक स्थलों की परंपरागत व्यवस्था को बदलने की कोशिश की जा रही है। विजया एकादशी के अवसर पर उन्होंने वृंदावन की धरती से “सनातनी संस्कृति पार्टी” बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह पार्टी सनातन मूल्यों और सांस्कृतिक संरक्षण के मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी। जरूरत पड़ने पर समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन भी किया जाएगा, लेकिन पार्टी अपना स्वतंत्र सम्मान बनाए रखेगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। वृंदावन में उनके आगमन और राजनीतिक घोषणा को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर जारी है।