श्रीकृष्ण बलदेव मंदिर माधवाचार्य आश्रम और गोरे दाऊजी आश्रम विवाद : लाठी-डंडों के साथ पहुंचे दो दर्जन लोग, महिलाओं के बीच पत्थरबाज़ी
7 February 2026, 16:01
698 views
Crime
वृन्दावन | विकास अग्रवाल
परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीकृष्ण बलदेव मंदिर माधवाचार्य आश्रम और गोरे दाऊजी आश्रम के बीच रास्ते को लेकर चल रहे विवाद में शनिवार पूर्वांहन एक बार फिर स्थिति तनावपूर्ण बन गई। आरोप है कि अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद गोरे दाऊजी आश्रम पक्ष ने कानून हाथ में लेते हुए मौके पर जमकर हंगामा किया।
शनिवार को जब माधवाचार्य आश्रम की ओर से विवादित रास्ते पर पूर्व में बिछी हुई ईंटों को हटवाया जा रहा था, तभी गोरे दाऊजी आश्रम के ट्रस्टी डॉ. नितिन चौधरी करीब दो दर्जन लोगों के साथ मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इन लोगों के हाथों में डंडे थे और उनके साथ आई महिलाओं ने अपने चेहरे कपड़ों से ढक रखे थे, जिससे माहौल और अधिक संदिग्ध हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों की महिलाओं के बीच पहले गाली-गलौज शुरू हुई और फिर पत्थरबाज़ी की स्थिति बन गई। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ा टकराव होने से कुछ ही देर की दूरी रह गई। घटना की सूचना माधवाचार्य आश्रम की महिलाओं द्वारा तत्काल कॉल 112 और अद्धा पुलिस चौकी प्रभारी कुलवीर सिंह तरार को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और काफी मशक्कत के बाद गोरे दाऊजी आश्रम की ओर से आए लोगों को वहां से खदेड़ा। गौरतलब है कि माधवाचार्य आश्रम के सचिव श्याम द्विवेदी के पक्ष में सिविल जज जूनियर डिवीजन मथुरा का स्पष्ट आदेश मौजूद है, जिसमें 9 मार्च 2026 तक वादग्रस्त संपत्ति पर उनके शांतिपूर्ण कब्जे में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने पर अस्थायी निषेधाज्ञा लागू है। इसके बावजूद गोरे दाऊजी आश्रम पक्ष द्वारा मौके पर पहुंचकर विवाद खड़ा करना अदालती आदेश की खुली अवहेलना माना जा रहा है। वहीं, गोरे दाऊजी आश्रम के ट्रस्टी डॉ. नितिन चौधरी ने आरोप लगाया है कि श्याम द्विवेदी रास्ते पर जबरन कब्जा करना चाहते हैं। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और अदालती आदेश को देखते हुए उनके इस दावे पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। यदि भविष्य में दोबारा कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया गया, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।