साइबर धोखाधड़ी में जन सेवा केंद्र संचालक फंसा, कोर्ट के आदेश पर दो आरोपियों पर केस दर्ज
5 February 2026, 12:26
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Crime
वृन्दावन | विकास अग्रवाल
गोपीनाथ बाजार निवासी आकाश शर्मा ने कोर्ट के आदेश पर सुदामा कुटी निवासी सागर पल और शुभम राजेश जाधव के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में बीएनएस की धारा 318, 316, 61, 352, 351 तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत अभियोग पंजीकृत कराया है। आरोप है कि दोनों ने षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी कर आकाश को अवैध धनराशि के मामले में फंसा दिया।
आकाश शर्मा भारत सरकार द्वारा प्रमाणित जन सेवा केंद्र का संचालन करता है और उसका एचडीएफसी बैंक में खाता है। जून माह में अचानक उसका खाता बंद हो गया। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि बिहार पुलिस ने खाते को फ्रीज किया है। जांच में सामने आया कि 11 दिसंबर 2024 को आकाश के खाते में 2.5 लाख रुपये IMPS के माध्यम से शुभम राजेश जाधव द्वारा ट्रांसफर किए गए थे, जिनमें से 1.5 लाख रुपये लीन अमाउंट बताए गए। आकाश बृजपे (Banking Business Services) आरबीआई द्वारा अधिकृत कंपनी के एजेंट के रूप में धन जमा और निकासी का कार्य करता है तथा सभी ग्राहकों के दस्तावेज सुरक्षित रखता है। इसी क्रम में उसने 11 दिसंबर 2024 को 50 हजार और 12 दिसंबर 2024 को 2 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा कराए थे। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि यह राशि सुदामा कुटी में मैनेजर के पद पर कार्यरत सागर पल द्वारा डलवाई गई थी, जो मूल रूप से वेस्ट बंगाल का निवासी है।
आकाश का आरोप है कि सागर पल अक्सर उनके पास पैसे ट्रांसफर और निकासी के लिए आता था। आश्रम का कर्मचारी होने के कारण विश्वास में लेकर उसने 2.5 लाख रुपये उधार ले लिए थे। बार-बार मांगने पर भी रकम न लौटाने पर आश्रम के महाराज जी से शिकायत की गई, तब जाकर उक्त राशि आकाश के खाते में डलवाई गई। खाता फ्रीज होने के बाद जब सागर पल से संपर्क किया गया तो उसने फोन नहीं उठाया और वृंदावन स्थित पते पर भी वह नहीं मिला। आकाश ने 14 जून 2025 को साइबर शिकायत दर्ज कराई। साइबर पुलिस मथुरा ने बिहार पुलिस से संपर्क करने की बात कही। इसके बाद 9 जुलाई 2025 को सागर पल का फोन आया और उसने पापड़ी चौराहा पर मिलने बुलाया। आरोप है कि वहां 1.5 लाख रुपये की बात करने पर सागर पल ने गाली-गलौज और मारपीट की। आकाश का आरोप है कि सागर पल ने शुभम राजेश जाधव के साथ मिलकर साजिश रची और धोखाधड़ी कर 1,50,000 रुपये की अवैध धनराशि के मामले में उसे बिहार पुलिस साइबर क्राइम में फंसा दिया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।