पाँच महीने बाद जागी वृन्दावन पुलिस, कोर्ट के डंडे से दर्ज हुई चोरी की एफआईआर
4 February 2026, 10:05
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Crime
वृन्दावन | विकास अग्रवाल
केशव धाम पुलिस चौकी इन दिनों अपराध रोकने के लिए नहीं, बल्कि पीड़ितों को दौड़ाने के लिए चर्चा में है। क्षेत्र में आए दिन वाहन चोरी की घटनाएँ हो रही हैं, लेकिन पुलिस की कार्यशैली ऐसी है कि चोर बेखौफ हैं और पीड़ित बेबस।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि केशव धाम पुलिस चौकी में न्याय नहीं, पहचान देखी जाती है। जिन पर पुलिस की मेहरबानी होती है, उन्हीं की रिपोर्ट दर्ज होती है। बाकी पीड़ित चाहे जितनी चप्पल घिस लें, बिना सिफारिश या दबाव के अभियोग पंजीकृत कराना नामुमकिन हो गया है। इस पुलिसिया उदासीनता का ताजा उदाहरण ग्राम तरौली शुमाली निवासी रौतान का मामला है, जिसकी रिपोर्ट घटना के पूरे पाँच महीने बाद वह भी कोर्ट के आदेश पर थाना वृन्दावन में दर्ज हो सकी। घटना 5 सितम्बर 2025 की है। शाम करीब 6 बजे रौतान अपनी मोटरसाइकिल डीलक्स UP 85 CP 6411 से वृन्दावन से छटीकरा जा रहे थे। प्रेम मंदिर से आगे छटीकरा मार्ग पर कच्चे रास्ते में मोटरसाइकिल खड़ी कर वे कुछ दूरी पर शौच के लिए गए थे। तभी दो अज्ञात युवक मोटरसाइकिल से पहुँचे। एक ने पलक झपकते ही ताला तोड़ा और मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया। रौतान ने शोर मचाते हुए चोरों का पीछा किया, लेकिन वे भाग निकले। पीड़ित का कहना है कि चोर सामने आए तो वह पहचान सकता है, फिर भी पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज करना जरूरी नहीं समझा। घटना के बाद रौतान ने केशव धाम पुलिस चौकी के चक्कर काटे, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया। न कोई सुनवाई, न कोई कार्रवाई। अंततः न्याय पाने के लिए उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश के बाद ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।जो अपने आप में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केशव धाम पुलिस चौकी क्षेत्र में वाहन चोर गिरोह सक्रिय हैं, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के चलते चोरों के हौसले बुलंद हैं। सवाल यह है कि जब पुलिस समय पर रिपोर्ट ही दर्ज नहीं करेगी, तो अपराधियों पर लगाम कैसे लगेगी? अब बड़ा सवाल यह है कि क्या केशव धाम पुलिस चौकी कानून की रखवाली कर रही है या चोरों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार कर रही है? क्या आम आदमी को न्याय पाने के लिए हर बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा?