बसंत पंचमी पर बांके बिहारी मंदिर में जमकर उड़ा गुलाल, ब्रज में 40 दिवसीय होली का शुभारंभ
23 January 2026, 15:49
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Religious
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बसंत पंचमी के पर्व के साथ ही ब्रज क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध होली महोत्सव की विधिवत शुरुआत हो गई। जहां देश के अधिकांश हिस्सों में होली एक या दो दिन मनाई जाती है, वहीं ब्रज में यह पर्व बसंत पंचमी से आरंभ होकर पूरे 40 दिनों तक रंग, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
इस अवसर पर वृंदावन के विश्वविख्यात ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर में ठाकुर जी को गुलाल अर्पित किया गया। बसंत पंचमी के दिन गुलाल उड़ना ब्रज की होली परंपरा का खास संकेत माना जाता है, जो यह दर्शाता है कि अब ब्रज रंगों में डूबने वाला है। मंदिर सेवायतों द्वारा श्रद्धालुओं पर प्रसाद स्वरूप गुलाल उड़ाया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर रंग और भक्ति से सराबोर हो गया। गुलाल उड़ते ही राधे-राधे और बांके बिहारी लाल के जयकारों से मंदिर गूंज उठा। श्रद्धालु इस अलौकिक क्षण के साक्षी बनकर भाव-विभोर नजर आए। बसंत पंचमी पर बांके बिहारी जी के दर्शन और गुलाल का प्रसाद मिलना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। बसंत पंचमी के साथ ही बरसाना और नंदगांव में होली का डांढ़ा गाड़ा जाता है और ब्रज क्षेत्र में 40 दिनों तक चलने वाले होली महोत्सव का आगाज़ हो जाता है। इस दौरान लठमार होली, फूलों की होली, रंगभरनी एकादशी जैसे पारंपरिक और अनोखे आयोजन होते हैं। ब्रज की होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि यह बसंत के आगमन के साथ राधा-कृष्ण के प्रेम, भक्ति और संस्कृति का जीवंत उत्सव है।