फर्जी ‘हाउस अरेस्ट’ कर लाखों की ठगी, साइबर ठगों का नया जाल
18 December 2025, 12:15
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Crime
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वृन्दावन में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को फर्जी मुकदमे और देशद्रोह का भय दिखाकर करीब पाँच लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। पीड़ित ने थाना वृन्दावन में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है, जिस पर फर्जी ‘हाउस अरेस्ट’ कर लाखों की ठगी, साइबर ठगों का नया जाल
ने आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वृन्दावन के श्यामा-श्याम धाम, जगदगुरु कृपालु परिषद निवासी अरविंद कुमार त्रिपाठी के अनुसार 16 दिसंबर को दोपहर करीब 12 बजे उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक और जांच एजेंसी से जुड़ा बताते हुए कहा कि अरविंद के नाम से एचडीएफसी बैंक में खाता खोला गया है, जिसमें 55 करोड़ रुपये जमा हैं। ठग ने यह भी दावा किया कि बैंक मैनेजर सहित कई लोग पकड़े जा चुके हैं और अरविंद पर देशद्रोह का मुकदमा चलेगा।
डर का माहौल बनाकर साइबर ठगों ने अरविंद को करीब 22 घंटे तक वीडियो कॉल पर तथाकथित “हाउस अरेस्ट” में रखा। मानसिक दबाव बनाते हुए आरोपियों ने तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहा। घबराए अरविंद ने बैंक जाकर ठगों द्वारा बताए गए इंडस बैंक, ब्रांच आजमगढ़ के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 4,88,205 रुपये जमा करा दिए।
बाद में जब अरविंद ने परिजनों से इस घटना की चर्चा की, तब उन्हें अहसास हुआ कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने थाना वृन्दावन में तहरीर दी।
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर जांच इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगों की पहचान और खातों की जांच की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि साइबर अपराधी किस तरह कानून और जांच एजेंसियों का डर दिखाकर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर डरकर पैसा ट्रांसफर न करें और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।