वृन्दावन में मोबाइल स्नेचरों का आतंक ! श्रद्धालुओं को बना रहे निशाना, पुलिस की सख्ती के बावजूद बेखौफ गैंग सक्रिय
26 December 2025, 22:07
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Crime
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नववर्ष 2026 के स्वागत से पहले ही वृन्दावन श्रद्धालुओं से पटने लगा है। देश-विदेश से आने वाले भक्तों की बढ़ती भीड़ को अब मोबाइल स्नेचर गैंग अपना आसान शिकार मानने लगे हैं। हालात यह हैं कि पुलिस की लगातार गश्त और सख्ती के बावजूद स्नेचर खुलेआम वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की आँखों में धूल झोंकने से बाज नहीं आ रहे।
थाना प्रभारी संजय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार अपराधियों पर शिकंजा कसने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि स्नेचिंग की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं। ताजा मामला शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे का है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार न्यू पंजाब निवासी महिला पूजा शर्मा अपने परिवार के साथ वृन्दावन दर्शन के लिए आई हुई थी। जब वह गोरे दाऊजी की ओर से अटल्ला चुंगी की तरफ जा रही थी, तभी उदय वाटिका के पास एक नाबालिग किशोर महिला के हाथ से Vivo कंपनी का मोबाइल फोन झपटकर फरार हो गया। घटना इतनी अचानक हुई कि महिला कुछ समझ पाती, उससे पहले ही स्नेचर भीड़ में गुम होने की कोशिश करने लगा।
हालांकि इस बार स्नेचर की किस्मत ने साथ नहीं दिया। श्रद्धालुओं के शोर मचाने पर स्थानीय युवक गोपाल ने साहस दिखाते हुए पीछा कर हनुमान तिराहे पर आरोपी किशोर को दबोच लिया। मौके की सूचना तत्काल मथुरा गेट पुलिस चौकी इंचार्ज रजत दुबे को दी गई। बिना देर किए वह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस के आने से पहले आरोपी किशोर मोबाइल स्नेचिंग की बात से साफ इनकार करता रहा, लेकिन चौकी इंचार्ज रजत दुबे द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर उसने एक झटके में महिला का मोबाइल फोन निकालकर सौंप दिया। पुलिस ने मोबाइल बरामद कर महिला को वापस किया, जिससे उसने राहत की सांस ली।
सवाल यह उठता है कि पकड़े जाने के बावजूद आरोपी को केवल हिदायत देकर छोड़ देना क्या ऐसे स्नेचरों के हौसले और नहीं बढ़ाएगा? वृन्दावन जैसे धार्मिक नगरी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ये मोबाइल स्नेचर आखिर कब तक कानून की ढील का फायदा उठाते रहेंगे? अगर ऐसे स्नेचरों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में वारदातों में और इजाफा तय है। पुलिस को चाहिए कि वह मोबाइल स्नेचरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए, ताकि वृन्दावन आने वाले श्रद्धालु खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें, न कि हर कदम पर लुटने के डर में रहें।