रिक्शा हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद, लाठी-डंडे, सरिया और सूजे से हमले का आरोप
वृन्दावन के चीरघाट पर करीब एक पखवाड़े पूर्व हुए विवाद में अब दूसरा मुकदमा दर्ज होने से मामला क्रॉस एफआईआर की ओर बढ़ गया है। ई-रिक्शा चालक की मां मुन्नी देवी ने सात नामजद समेत करीब 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना वृन्दावन में गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिपोर्ट के अनुसार 15 सितंबर की सुबह करीब 11:30 बजे वीआईपी रोड निवासी मुन्नी देवी का पुत्र चीरघाट पर ई-रिक्शा लेकर खड़ा था। आरोप है कि इसी दौरान चीरघाट निवासी राजेन्द्र, नीरज, मुकेश, रवि, लोटन, सुमित और कौशल वहां पहुंचे और ई-रिक्शा हटाने को लेकर गाली-गलौज करने लगे।
आरोप है कि विरोध करने पर राजेन्द्र ने फोन कर 15-20 युवकों को लाठी-डंडे, लोहे की सरिया, सूजा और चाकू लेकर बुला लिया। इसके बाद सभी ने एकराय होकर ई-रिक्शा चालक पर हमला कर दिया।
तहरीर के मुताबिक उस समय यमुना पूजन के लिए जा रहे प्रियांशु जादौन ने मुकेश, कल्लू और लेखराज उर्फ नेकराज के साथ मिलकर ई-रिक्शा चालक को बचाने का प्रयास किया। आरोप है कि हमलावरों ने इन लोगों पर भी हमला बोल दिया। प्रियांशु की पीठ में राजेन्द्र द्वारा लोहे का सूजा घोंपने और सरिया-डंडों से वार करने का आरोप लगाया गया है। हमले में जबड़े समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आने की बात कही गई है। मुन्नी, आकाश और लेखराज उर्फ नेकराज के सिर में भी चोट लगने का आरोप है।
मुन्नी देवी की तहरीर पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 190, 191(2), 191(3), 109(1), 115(2), 118(1) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच एसआई शिव कुमार शर्मा को सौंप दी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक चीरघाट के इस विवाद में पहले भी मुकदमा दर्ज हुआ था और अब सामने आई इस रिपोर्ट को क्रॉस एफआईआर के तौर पर देखा जा रहा है। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।