वृन्दावन की फ़िज़ा को बदनाम करने वाले तथाकथित "रूम लगाने वाले" युवकों की बढ़ती गुंडागर्दी, बदतमीज़ी और आपसी अदावत अब पुलिस के लिए भी सिरदर्द बन चुकी है। लगातार हो रही मारपीट, सड़क पर हंगामा और तीर्थयात्रियों के सामने बनने वाले शर्मनाक मंज़र के बाद थाना प्रभारी अश्विनी कुमार ने सभी चौकी प्रभारियों को साफ़ हिदायत दे दी है कि कोई भी युवक तिराहे-चौराहे पर खड़े होकर रूम लगाता दिखाई नहीं देना चाहिए।

पुलिस का साफ़ मानना है कि वृन्दावन आस्था और श्रद्धा की नगरी है, जहाँ देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में सड़कों पर रूम के नाम पर होने वाली अराजकता और हुड़दंग न केवल कानून-व्यवस्था के लिए ख़तरा है, बल्कि तीर्थयात्रियों की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुँचाता है।

दरअसल, पिछले कुछ समय से रूम लगाने वाले युवकों के बीच इलाके की बादशाहत को लेकर आए दिन मारपीट, गाली-गलौज और टकराव की घटनाएँ सामने आ रही हैं। हालात यहाँ तक पहुँच गए कि पुलिस को आशंका सताने लगी कि यदि वक़्त रहते इन पर लगाम नहीं कसी गई तो कभी भी कोई संगीन वारदात हो सकती है।

सबसे अधिक हालात अटल्ला चुंगी परिक्रमा चौराहे के आसपास बिगड़ते रहे हैं। शाम ढलते ही यहाँ रूम लगाने वाले युवकों की टोलियाँ सड़क पर डेरा जमा लेती हैं। आरोप है कि इन्हीं में शामिल कुछ शरारती और बेलगाम तत्व रूम दिलाने के बहाने महिलाओं और युवतियों पर फब्तियाँ कसने, पीछा करने और अभद्र हरकतें करने से भी बाज़ नहीं आते। इससे श्रद्धालुओं में ग़ुस्सा और स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ रही थी।

थाना प्रभारी के आदेश के बाद मथुरा गेट चौकी और अद्धा चौकी की पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। जैसे ही पुलिस की गाड़ी दिखाई देती है, सड़क पर खड़े रूम लगाने वाले युवक इधर-उधर भाग खड़े होते हैं।

गौरतलब है कि बीते रविवार की रात पुलिस द्वारा हटाने की कार्रवाई से बौखलाए कुछ युवकों ने झुंड बनाकर मथुरा गेट पुलिस चौकी की चेतक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से अभद्रता तक कर डाली थी। इस घटना के बाद पुलिस का रुख़ और सख्त हो गया है।

अब संदेश बिल्कुल साफ़ है— वृन्दावन की सड़कों को अपनी जागीर समझने वालों का दौर खत्म होने वाला है। रूम के नाम पर सड़क घेरकर दादागीरी, गुंडागर्दी या बदअख़लाक़ी करने वालों के खिलाफ़ पुलिस आर-पार की कार्रवाई के मूड में है। यदि हालात नहीं सुधरे तो ऐसे तत्वों पर कानूनी शिकंजा और भी कसना तय माना जा रहा है।